जनता बोली पीड़ा सुन लो
नेता बोले लड़ो चुनाव
जनता बोली काम करो कुछ
नेता बोले लड़ो चुनाव
जनता बोली मत लूटो अब
नेता बोले लड़ो चुनाव
जनता बोली भूख लगी है
नेता बोले लड़ो चुनाव
जनता बोली मेरा हिस्सा?
नेता बोले लड़ो चुनाव
जनता बोली लोकतंत्र है
नेता बोले लड़ो चुनाव
जनता बोली तुम हो सेवक हो
नेता बोले लड़ो चुनाव
जनता बोली हक़ दो साहब
नेता बोले लड़ो चुनाव
जनता बोली अनाचार है
नेता बोले लड़ो चुनाव
पांच साल के बाद लौटकर
नेता जी ने हाथ जोड़कर
कहा, साथियों करो चुनाव
और हुआ वाकई चुनाव
ताज छिना, टोपी भी उतारी
जनता बोली- लड़ो चुनाव!
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें